निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर अगले पांच प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
हैं जन्म लेते जगह में एक ही।
एक ही पौधा उन्हें है पालता।।
रात में उन पर चमकता चाँद भी।
एक ही सी चाँदनी है डालता।।
मेह उन पर है बरसता एक सा।
एक सी उन पर हवाएँ हैं बहीं।।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें।
ढंग उनके एक से होते नहीं।।
छेदकर काँटा किसी की उँगलियाँ।
फाड़ देता है किसी का वर-वसन।।
प्यार में डूबी तितलियों का पर कतर।
भौंरे का है बेध देता श्याम तन।।
फूल लेकर तितलियों को गोद में।
भौंरों को अपना अनूठा रस पिला।।
निज सुगंधों और निराले रंग से।
है सदा देता कली को भी खिला।।
है खटकता एक सब की आँख में।
दूसरा है सोहता सुर-शीश पर।।
किस तरह कुल की बड़ाई काम दे।
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।।
उपर्युक्त पद्यांश में आए पद 'वर-वसन' में कौन सा अलंकार है ?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → अनुप्रास
वर-वसन में 'व' वर्ण की आवृत्ति है, इसलिए यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: उपमा — समानता बताने वाला वाचक शब्द नहीं है।
विकल्प 2: रूपक — उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप नहीं है।
विकल्प 4: यमक — कोई शब्द भिन्न अर्थों में दोहराया नहीं गया।