सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :
| सूची-I (रस) | सूची-II (उदाहरण) |
|---|---|
| (A). करुण | (I). बढ़ो वीर, रण में बढ़ो, शत्रु को दो ललकार। / मातृभूमि हित शीश दो, उठा हाथ तलवार॥ |
| (B). हास्य | (II). बेटे की अर्थी देखकर, माँ गिर पड़ी अचेत। / सूना आँगन रो रहा, सूने सारे खेत॥ |
| (C). वीर | (III). घोर अँधेरी रात में, गरजा सिंह कराल। / थर-थर काँपे पथिक सब, मानो आया काल॥ |
| (D). भयानक | (IV). लाला जी चढ़ने चले, ज्यों ही बस में आज। / धोती अटकी द्वार में, हँसा सकल समाज॥ |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → (A) - (II), (B) - (IV), (C) - (I), (D) - (III)
| सूची-I (रस) | सूची-II | व्याख्या |
|---|---|---|
| (A) करुण | (II) बेटे की अर्थी देखकर, माँ गिर पड़ी अचेत। / सूना आँगन रो रहा, सूने सारे खेत॥ | पुत्र की मृत्यु से माँ का विलाप; स्थायी भाव शोक। |
| (B) हास्य | (IV) लाला जी चढ़ने चले, ज्यों ही बस में आज। / धोती अटकी द्वार में, हँसा सकल समाज॥ | धोती अटकने का विचित्र दृश्य; स्थायी भाव हास। |
| (C) वीर | (I) बढ़ो वीर, रण में बढ़ो, शत्रु को दो ललकार। / मातृभूमि हित शीश दो, उठा हाथ तलवार॥ | युद्ध के लिए ललकार; स्थायी भाव उत्साह। |
| (D) भयानक | (III) घोर अँधेरी रात में, गरजा सिंह कराल। / थर-थर काँपे पथिक सब, मानो आया काल॥ | सिंह की गर्जना से काँपना; स्थायी भाव भय। |