दिए गए पद्यांश को पढ़कर संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
रानी बढ़ी कालपी आई कर सौ मील निरन्तर पार,
घोड़ा थक कर गिरा भूमि पर गया स्वर्ग तत्काल सिधार,
यमुना-तट पर अंग्रेजों ने फिर खायी रानी से हार,
विजयी रानी आगे चल दी, किया ग्वालियर पर अधिकार,
अंग्रेजों के मित्र सिंधिया ने छोड़ी रजधानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।
विजय मिली, पर अंग्रेजों की सेना फिर घिर आयी थी,
अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुँह की खायी थी,
काना और मुन्दरा सखियाँ रानी के संग आयी थीं,
युद्ध क्षेत्र में रोज़ आ गया, हाय! घिरी अब रानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।
कितने मील चलने के बाद घोड़ा स्वर्ग सिधार गया?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → सौ मील
पद्यांश की पंक्तियाँ: “रानी बढ़ी कालपी आई कर सौ मील निरन्तर पार, घोड़ा थक कर गिरा भूमि पर गया स्वर्ग तत्काल सिधार”
अन्य विकल्प — दस, पचास और चार मील — पद्यांश में नहीं दिए गए हैं।