निम्नलिखित काव्य-पंक्ति में सर्वोपयुक्त रस की पहचान कीजिए-
'देख यशोदा शिशु के मुख में, सकल विश्व की माया।
क्षणभर को वह बनी अचेतन, हिल न सकी कोमल काया।'
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → अद्भुत रस
शिशु (कृष्ण) के मुख में सारा विश्व देखकर यशोदा चकित और अचेतन हो जाती हैं; स्थायी भाव विस्मय है, इसलिए अद्भुत रस है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: वात्सल्य रस — शिशु का प्रसंग है, पर पंक्ति का मुख्य भाव विस्मय है, स्नेह नहीं।
विकल्प 2: श्रृंगार रस — स्थायी भाव रति (प्रेम) होता है।
विकल्प 4: करुण रस — स्थायी भाव शोक होता है।