'वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो।
सामने पहाड़ हो कि सिंह की दहाड़ हो।
तुम कभी रुको नहीं तुम कभी झुको नहीं।'
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा रस है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → वीर रस
'वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो।
सामने पहाड़ हो कि सिंह की दहाड़ हो।
तुम कभी रुको नहीं तुम कभी झुको नहीं।'
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा रस है?
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → वीर रस