निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
अनुशासन का अर्थ है - आत्मानुशासन अर्थात् स्वतः प्रेरणा से शासित होना। प्रकृति के समस्त कार्य व्यापार अनुशासन की सूचना देते हैं। निश्चित समय पर सूर्योदय और सूर्यास्त का होना, पृथ्वी की दैनिक और वार्षिक गतियाँ, ऋतु परिवर्तन, ये सब नियमानुसार होते हैं। जब प्रकृति बाढ़, भूकंप आदि के रूप में अपना अनुशासन भंग करती है, तब प्रलय की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। केवल प्रकृति ही नहीं अनुशासन की आवश्यकता प्रत्येक के लिए है। प्रकृति की यह बात व्यक्ति, समाज और राष्ट्र पर भी लागू होती है। अनुशासनहीन व्यक्ति न तो अपना भला कर सकता है न समाज अथवा राष्ट्र का। समाज के नियमों को मानना सामाजिक अनुशासन है। यदि इसका पालन न किया जाए तो सर्वत्र अराजकता फैल सकती है। अनुशासनहीनता अराजकता को जन्म देती है और अराजकता देश और जाति को गुलाम बना देती है। अनुशासन एक ओर बंधन है तो दूसरी ओर मुक्ति भी।
निम्नलिखित में से अनुशासनहीनता का परिणाम क्या नहीं है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → मुक्ति
गद्यांश: “अनुशासन एक ओर बंधन है तो दूसरी ओर मुक्ति भी” — मुक्ति अनुशासन का फल है, अनुशासनहीनता का नहीं।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2 और 3: अराजकता, गुलामी — “अनुशासनहीनता अराजकता को जन्म देती है और अराजकता देश और जाति को गुलाम बना देती है।”
विकल्प 4: प्रलय — प्रकृति के अनुशासन भंग करने पर प्रलय की स्थिति बनती है।