प्रस्तुत पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
वर दे! वीणा वादिनी वर दे
प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव भारत में भर दे!
काट अंध-उर के बंधन - स्तर
बहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर,
कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर जगमग जग कर दे!
नव गति, नव लय, ताल-छंद नव,
नवल कंठ, नव जलद-मंद्र रव
नव नभ के नव विहग-वृन्द को नव पर, नव स्वर दे!
पद्यांश में प्रयुक्त 'तम' का शाब्दिक अर्थ क्या है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → अंधकार
तम का अर्थ अंधकार है; “कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर” में अंधकार हरकर प्रकाश भरने की बात है।
अन्य विकल्प — प्रकाश और ज्योति ‘तम’ के विलोम अर्थ हैं, और कल्पना का ‘तम’ से कोई संबंध नहीं।