निम्नलिखित पंक्तियों में कौन-सा रस है?
हाथी जैसी देह है, गैंडे जैसी खाल।
तरबूजे-सी खोपड़ी, खरबूजे-से गाल॥
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → हास्य रस
शरीर की हाथी, गैंडे, तरबूजे और खरबूजे से बेढंगी तुलना हँसी उत्पन्न करती है; स्थायी भाव हास है, इसलिए यहाँ हास्य रस है।
अन्य विकल्प — वीर (स्थायी भाव: उत्साह), वात्सल्य (वत्सल) और अद्भुत (विस्मय) — इन पंक्तियों के भाव से मेल नहीं खाते।