‘सेवक-धर्म में हनुमान जी से स्पर्धा करने वाली भक्ति’ में क्रिया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → अकर्मक
स्पर्धा करना (होड़ करना) का कोई कर्म नहीं है; 'किससे?' का उत्तर 'हनुमान जी से' मिलता है, 'क्या?' का नहीं, इसलिए क्रिया अकर्मक है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2: सकर्मक — क्रिया का फल किसी कर्म पर नहीं पड़ता।
विकल्प 3 और 4: प्रतिद्वंद्वी, निरंतर कार्यशील — ये क्रिया के भेद नहीं हैं।