निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर दीजिए:
संसार के सभी देशों में शिक्षित व्यक्ति की सबसे पहली पहचान यह होती है कि वह अपनी मातृभाषा में दक्षता से काम कर सकता है। केवल भारत ही एक देश है जिसमें शिक्षित व्यक्ति वह समझा जाता है जो अपनी मातृभाषा में दक्ष हो या नहीं, किंतु अंग्रेजी में जिसकी दक्षता असंदिग्ध हो। संसार के अन्य देशों में सुसंस्कृत व्यक्ति वह समझा जाता है जिसके घर में अपनी भाषा की पुस्तकों का संग्रह हो और जिसे बराबर यह पता रहे कि उसकी भाषा के अच्छे लेखक और कवि कौन हैं तथा समय-समय पर उनकी कौन-सी कृतियाँ प्रकाशित हो रही हैं। भारत में स्थिति दूसरी है। यहाँ प्रायः घर में साज-सज्जा के आधुनिक उपकरण तो होते हैं किंतु अपनी भाषा की कोई पुस्तक या पत्रिका दिखाई नहीं पड़ती। यह दुरवस्था भले ही भले ही किसी ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम है, किंतु वह सुदशा नहीं, दुरवस्था ही है और जब तक यह दुरवस्था कायम है, हमें अपने आप को, सही अर्थों में शिक्षित और सुसंस्कृत मानने का ठीक-ठीक न्यायसंगत अधिकार नहीं।
भारत में शिक्षित व्यक्ति किसे माना जाता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → जिसे अँग्रेजी आती हो।
गद्यांश: “केवल भारत ही एक देश है जिसमें शिक्षित व्यक्ति वह समझा जाता है जो अपनी मातृभाषा में दक्ष हो या नहीं, किंतु अंग्रेजी में जिसकी दक्षता असंदिग्ध हो।”
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: जिसे हिंदी आती हो — गद्यांश में हिंदी का उल्लेख नहीं है।
विकल्प 2: जिसे मातृभाषा आती हो — भारत में इसे आवश्यक नहीं माना जाता।
विकल्प 4: जिसे सभी भारतीय भाषाएँ आती हों — गद्यांश में इसका उल्लेख नहीं है।