निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए:-
प्राचीन काल में लंका के राजा रावण के पास अथाह धन एंव विशाल सैन्य शक्ति थी|
वह बहुत ही बलशाली , कुशाग्रबुद्धि एंव चारों वेदों का ज्ञाता था | लेकिन उसमें चारित्रिक
बल की कमी थी इसी वजह से लोग उसे राक्षस कहते हैं| चरित्र सचमुच में व्यक्ति की अमूल्य
सम्पत्ति होती है| चरित्रहीन व्यक्ति चाहे कितनी ही विद्या अर्जित कर ले , धन जुटा ले या ऊँचे
पद पर आसीन हो जाए, सब व्यर्थ है क्योंकि वह कभी भी समाज का सम्मानित व्यक्ति नहीं
हो सकता| उसको दिया गया सम्मान दिखावटी होता है| चरित्रवान व्यक्ति से लोग प्रभावित होकर
उसका अनुगमन करते हैं एंव सच्चे मन से आदर करते है|
लंका का राजा कौन था?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर रावण है।
रावण लंका का राजा था। वह एक महान राजा, विद्वान, और योद्धा था। उसके पास धन, यश, और बल की कोई कमी नहीं थी। लेकिन वह चरित्रहीन था। वह अहंकारी, क्रूर, और अन्यायी था। उसने सीता का अपहरण करके पाप किया। वह अपने अहंकार के कारण राम से हार गया और मारा गया।
राम, विभीषण, और हनुमान सभी लंका के राजा नहीं थे। राम लंका पर विजय प्राप्त करने वाले थे। विभीषण रावण का भाई था, जो उसके बाद लंका का राजा बना। हनुमान राम के दूत थे, जो लंका में सीता को खोजने गए थे।
इस प्रकार, लंका का राजा रावण था।