दिए गए पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
लरिकाई को प्रेम, कहो अलि, कैसे करिके छूटत?
कहा कहीं ब्रजनाथ चरित अब अंतरगति यों लूटत।।
चंचल चाल मनोहर चितवनि, वह मुसुकानि मंद धुन गावत।
नटवर भेस नंदनंदन को वह विनोद गृह वन तें आवत।।
चरनकमल की सपथ करति हों यह संदेस मोहि विष सम लागत।
सूरदास मोहि निमिष न बिसरत मूरति सोवत जागत।।
'लरिकाई को प्रेम, कहो अलि, कैसे करिके छूटत?' इस पंक्ति का क्या अर्थ है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → बचपन का प्रेम कभी नहीं छूटता।