निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
मरुस्थल का जीवन आसान नहीं होता। वहाँ दिन में कड़ी धूप पड़ती है, दूर-दूर तक रेत फैली रहती है और पानी की भारी कमी रहती है। ऐसे वातावरण में ऊँट लंबे समय से मनुष्य का भरोसेमंद साथी रहा है। इसीलिए उसे 'रेगिस्तान का जहाज़' भी कहा जाता है। ऊँट के पैरों के तलवे चौड़े और गद्देदार होते हैं, जिससे चलते समय उसके पैर नरम रेत में नहीं धँसते। उसकी आँखों पर लंबी और घनी पलकें होती हैं, जो उड़ती रेत से आँखों की रक्षा करती हैं। रेतीली आँधी चलने पर वह अपने नथुने भी बंद कर सकता है।
लोग प्रायः समझते हैं कि ऊँट अपने कूबड़ में पानी भरकर रखता है, पर यह धारणा सही नहीं है। कूबड़ में मुख्य रूप से चर्बी जमा रहती है। भोजन न मिलने पर ऊँट का शरीर इसी चर्बी से ऊर्जा प्राप्त करता है। ऊँट कई दिनों तक बिना पानी के रह सकता है और जब पानी मिलता है तो एक बार में बहुत अधिक पी लेता है। वह कँटीली झाड़ियाँ और सूखी घास खाकर भी गुज़ारा कर लेता है। मरुस्थल में रहने वाले लोगों के लिए ऊँट केवल सवारी का साधन नहीं है। वह भारी सामान ढोता है, खेत जोतने में काम आता है और उसका दूध भी उपयोग में लाया जाता है। यही कारण है कि वहाँ के लोकजीवन में ऊँट को बड़े आदर से देखा जाता है।
गद्यांश में प्रयुक्त 'भरोसेमंद' शब्द का अर्थ है:
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → विश्वसनीय
गद्यांश में लिखा है: “ऐसे वातावरण में ऊँट लंबे समय से मनुष्य का भरोसेमंद साथी रहा है।”
'भरोसेमंद' का अर्थ है जिस पर भरोसा किया जा सके, अर्थात् विश्वसनीय।
अन्य विकल्प — शक्तिशाली (बलवान), परिश्रमी (मेहनती) और सहनशील (सहन करने वाला) — इन शब्दों के अर्थ 'भरोसेमंद' से भिन्न हैं।