निम्नलिखित पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसपर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- क्या देखा है तुमने नर को नर के आगे हाथ पसारे? क्या देखे हैं तुमने उसकी आँखों में खारे फव्वारे? जगपति कहाँ? अरे सदियों से वह तो हुआ राख की ढेरी; वरना समता-संस्थापन में लग जाती क्या इतनी देरी? छोड़ आसरा अलख शक्ति का रे नर, स्वयं जगत्पति तू है, तू यदि जूठे पत्ते चाटे, तो मुझ पर लानत है, थू है! कैसा बना रूप यह तेरा, घृणित, पतित, बीभत्स, भयंकर! नहीं याद क्या तुझको, तू है चिर सुन्दर, नवीन प्रलयंकर? भिक्षा पात्र फेंक हाथों से, तेरे स्नायु बड़े बलशाली, अभी उठेगा प्रलय नींद से, तनिक बजा तू अपनी ताली। |
'खारे फव्वारे' पद का प्रयोग किस अर्थ में किया गया है? |
आँसू झरना लहर झील |
आँसू |
सही उत्तर विकल्प (1) है → आँसू |