'राणा ने सोचा इस पार
तब तक चेतक था उस पार' में कौन-सा अलंकार है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → अतिशयोक्ति अलंकार
चेतक की गति को इतना बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है कि राणा के सोचते ही वह उस पार पहुँच गया; इसलिए अतिशयोक्ति अलंकार है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: उपमा अलंकार — इसमें किसी से समानता दिखाई जाती है; यहाँ कोई तुलना नहीं।
विकल्प 2: रूपक अलंकार — इसमें उपमेय पर उपमान का आरोप होता है; यहाँ ऐसा नहीं।
विकल्प 4: अनुप्रास अलंकार — इसमें वर्णों की आवृत्ति से चमत्कार होता है; यहाँ मुख्य चमत्कार अतिशय कथन का है।