निम्नलिखित पंक्तियों में कौन-सा रस है?
"परदेस गए प्रियतम मेरे, सूना लगता घर-आँगन।
दिन गिन-गिनकर राह निहारूँ, कब लौटेंगे मेरे साजन।"
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → वियोग शृंगार
प्रियतम परदेस गए हैं; नायिका उनकी राह देख रही है और लौटने की आशा है, अतः यह विरह का वर्णन — वियोग शृंगार है।
स्थायी भाव रति; प्रिय जीवित है और पुनर्मिलन संभव है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: संयोग शृंगार — मिलन का वर्णन; यहाँ प्रियतम दूर हैं।
विकल्प 2: करुण — प्रिय के सदा के लिए खो जाने (मृत्यु) पर शोक; यहाँ प्रियतम के लौटने की आशा है।
विकल्प 4: शांत — संसार की नश्वरता से उत्पन्न निर्वेद शांत रस है; यहाँ ऐसा भाव नहीं है।