मूक होइ वाचाल, पंगु चढ़े गिरिवर गहन
जासु कृपा सो दयाल, द्रवहु सकल कलिमल दहन
उपर्युक्त पंक्तियाँ किस छंद में हैं?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → सोरठा
सोरठा अर्धसम मात्रिक छंद है: विषम चरणों में 11 और सम चरणों में 13 मात्राएँ होती हैं (दोहे का उलटा); तुक विषम चरणों में मिलती है।
मूक होइ वाचाल (2+1+2+1+2+2+1) = 11; पंगु चढ़े गिरिवर गहन = 13।
तुक विषम चरणों के अंत में है: वाचाल – दयाल।