श्रृंगार रस का स्थायी भाव क्या होता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति होता है। रति का अर्थ है प्रेम या आकर्षण। श्रृंगार रस में प्रेम, सौंदर्य, आनंद आदि भावनाओं का वर्णन होता है। इन भावनाओं का मूल कारण रति है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि:
- हास - हास का अर्थ है हँसी। श्रृंगार रस में हास्य का भाव भी हो सकता है, लेकिन यह रस का स्थायी भाव नहीं है।
- क्रोध - क्रोध का अर्थ है गुस्सा। श्रृंगार रस में क्रोध का भाव नहीं होता है।
- उत्साह - उत्साह का अर्थ है जोश या उमंग। श्रृंगार रस में उत्साह का भाव भी हो सकता है, लेकिन यह रस का स्थायी भाव नहीं है।