निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए- मेरी माँ कहती है कि जिस तरफ दुनिया चल रही है, हमें भी उसी तरफ चलना चाहिए। उसने कभी स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया। एक रूढ़िवादी परिवार से ऊँचा उठकर उन्होंने सोचा, जिया और हमें जीना सिखाया। मुझे यह कहते हुए जरा भी संकोच नहीं होता कि मेरे माता-पिता मुझसे कहीं ज्यादा आधुनिक विचारधारा वाले व्यक्ति हैं और मुझे उन पर गर्व है। मुझे लगता है कि अपने बच्चों के लिए हर माँ सबसे ज्यादा साहसी और निर्भीक होती है। वह सबसे ज्यादा तरक्कीपसंद होती है। वह नए ज़माने की माँ हो या पुराने ज़माने की, अपने बच्चों को तमाम बन्धनों से मुक्त करना चाहती है और उन्हें आजाद परिंदों की तरह खुला आसमान देना चाहती है। माँ अपनी फितरत से ही तरक्कीपसंद होती है, क्योंकि वह बच्चे के साथ साथ दोबारा विकसित होती है। यह बच्चे के पालने और उसे विकसित करने की उसकी मूल प्रवृत्ति है जो उसे अपनी आदतों और अपने मूल्यों को नए सिरे से गढ़ने के लिए प्रेरित करती है। मेरा ख्याल है कि माँ को नए या पुराने मॉडल में रखकर नहीं देखा जा सकता है। हाँ, औरत की अपनी निजी शख्सियत को देखा जा सकता है - वह ब्रिटेन की होगी तो स्कर्ट पहन सकती है; भारत की होगी तो साड़ी पहन सकती है। लेकिन माँ के तौर पर वह एक जैसी ही होगी। अपने शिशु का चेहरा देखकर उसकी जरूरतों को जान लेने की उसकी मूल प्रवृत्ति होती है। |
माँ की मूल प्रवृत्ति क्या होती है? |
माँ बहुत ही सक्रिय रहती है। माँ के पास समय नहीं रहता है। शिशु का चेहरा देखकर उसकी जरूरतों को जान लेती है। माँ पुराने ख्याल की होती है। |
शिशु का चेहरा देखकर उसकी जरूरतों को जान लेती है। |
सही उत्तर विकल्प (3) है → शिशु का चेहरा देखकर उसकी जरूरतों को जान लेती है। |