निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
फूल केवल सुंदरता के लिए नहीं खिलते। उनके भीतर पौधे का वह भाग होता है, जिससे फल और बीज बनते हैं। बीज बनने के लिए पराग-कणों का फूल के मादा भाग तक पहुँचना आवश्यक है। इस क्रिया को परागण कहते हैं। बहुत-से पौधों में ये पराग-कण किसी दूसरे फूल से आते हैं। पौधे अपनी जगह से हिल नहीं सकते, इसलिए यह काम हवा, पानी और कई जीव-जंतु करते हैं। इन जीवों में मधुमक्खी की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। वह फूलों से मकरंद और पराग इकट्ठा करने जाती है। इस दौरान उसके रोएँदार शरीर पर पराग-कण चिपक जाते हैं और जब वह दूसरे फूल पर बैठती है, तो उनमें से कुछ कण वहाँ छूट जाते हैं। इस तरह मधुमक्खी अपना भोजन जुटाते हुए अनजाने में पौधों का भी भला कर देती है।
किसान और बागवान जानते हैं कि जिन खेतों और बगीचों के आसपास मधुमक्खियाँ अधिक होती हैं, वहाँ कई फसलों में फल अच्छे लगते हैं। सरसों, सूरजमुखी, सेब और कई सब्ज़ियों की पैदावार में इनका योगदान माना जाता है। इसीलिए कुछ किसान खेतों के पास मधुमक्खियों के बक्से रखवाते हैं; इससे शहद भी मिलता है और फसल को भी लाभ होता है। चिंता की बात यह है कि कई स्थानों पर मधुमक्खियों की संख्या घटने की बातें सामने आ रही हैं। कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग और जंगली फूलों वाले पौधों का कम होना इसके कारण बताए जाते हैं। मधुमक्खी को बचाना अपनी थाली को बचाना है।
गद्यांश के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक है:
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → मधुमक्खी और परागण
पूरा गद्यांश परागण की क्रिया, उसमें मधुमक्खी की भूमिका और मधुमक्खियों को बचाने की आवश्यकता पर केंद्रित है: “इन जीवों में मधुमक्खी की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।”
अन्य विकल्प — (1), (2) और (4) — शहद, फूलों की सुंदरता और कीटनाशक गद्यांश में केवल प्रसंगवश आए हैं; ये पूरे गद्यांश का विषय नहीं हैं।