निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुन कर लिखिए |
पथ भूल न जाना पथिक कहीं | पथ में कांटे तो होंगे ही दूर्बादल सरिता सर होंगे | सुंदर गिरी वन वापी होंगे सुन्दरता की मृगतृष्णा में पथ भूल न जाना पथिक कहीं || जब कठिन कर्म पगडंडी पर राही का मन उन्मुख होगा |जब सपने सब मिट जाएँगे | कर्तव्य मार्ग सन्मुख होगा | तब अपनी प्रथम विफलता में पथ भूल न जाना पथिक कहीं |
कठिन कर्म पगडंडी में अलंकार कौन सा है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
अनुप्रास अलंकार का अर्थ होता है एक ही वर्ण या वर्ण समूह की बार-बार आवृत्ति।
इस काव्यांश में "कठिन कर्म पगडंडी" में "क" वर्ण की बार-बार आवृत्ति हो रही है। इसलिए, यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि:
- अतिशयोक्ति: यहाँ कोई भी अतिशयोक्ति नहीं है।
- उपमा: यहाँ उपमा अलंकार का प्रयोग नहीं हुआ है।
- श्लेष: यहाँ श्लेष अलंकार का प्रयोग नहीं हुआ है।