निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मास्टर मोतीराम बोले, “यहाँ अकेले मुन्नू चाचा ही के पास अक्ल नहीं है। इस कस्बे में सबसे पहले डीजल इंजिन कौन लाया था? जानता है कोई?”
लड़कों ने हाथ उठाकर कोरस में कहा, “आप! आप लाये थे।” मास्टर साहब ने संतोष के साथ मुन्नू के भतीजे की ओर देखा, हिकारत से बोले, “सुन लिया। बेईमान मुन्नू ने तो डीजल इंजिन मेरी देखा देखी चलाया था। पर मेरी चक्की तो यह कॉलिज खुलने से पहले से चल रही थी। मेरी ही चक्की पर कॉलेज की इमारत के लिए हर आटा पिसवानेवाले से सेर-सेर भर आटे का दान लिया गया। मेरी ही चक्की में पिसकर वह आटा शहर में बिकने के लिए गया। मेरी ही चक्की पर कॉलेज की इमारत का नक्शा बना और मैनेजर काका ने कहा कि, ‘मोती, कॉलेज में तुम रहोगे तो मास्टर ही, पर असली प्रिंसीपली तुम्हीं करोगे।’ सब कुछ तो मेरी चक्की पर हुआ और अब गाँव में चक्की है तो बेईमान मुन्नू की! मेरी चक्की कोई चीज़ ही न हुई।”
लड़के इत्मीनान से सुनते रहे। यह बात वे पहले भी सुन चुके थे और किसी भी समय सुनने के लिए तैयार रहते थे। उन पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ा। पर मुन्नू के भतीजे ने कहा, “चीज़ तो मास्टर साहब आपकी भी बढ़िया है और मुन्नू चाचा की भी। पर आपकी चक्की पर धान कूटने वाली मशीन ओवरहालिंग माँगती है। धान उसमें ज़्यादा टूटता है।”
‘मोती, कॉलिज में तुम रहोगे तो मास्टर ही, पर असली प्रिंसीपली तुम्हीं करोगे।’ यह पंक्ति किस की है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → मैनेजर काका
गद्यांश कहता है: “…और मैनेजर काका ने कहा कि, ‘मोती, कॉलेज में तुम रहोगे तो मास्टर ही…’”
अन्य विकल्प — मुन्नू, मुन्नू के चाचा और संतोष — ने यह बात नहीं कही; 'संतोष' तो मास्टर जी का भाव है, कोई पात्र नहीं।