निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
इन्हीं दो उदाहरणों पर विचार कीजिए; पहले उदाहरण में एक चीज है किसी व्यक्ति विशेष की आग का आविष्कार कर सकने की शक्ति और दूसरी चीज है – आग का आविष्कार। इसी प्रकार दूसरे सुई-धागे के उदाहरण में एक चीज है – सुई-धागे का आविष्कार कर सकने की शक्ति और दूसरी चीज है – सुई-धागे का आविष्कार। जिस योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा के बल पर आग व सुई-धागे का आविष्कार हुआ, वह है व्यक्ति विशेष की संस्कृति; और उस संस्कृति द्वारा जो आविष्कार हुआ, जो उसने अपने तथा दूसरों के लिए आविष्कृत की, उसका नाम है सभ्यता। जिस व्यक्ति में पहली चीज जितनी अधिक व जैसी परिष्कृत मात्रा में होगी, वह व्यक्ति उतना ही अधिक व वैसा ही परिष्कृत आविष्कर्ता होगा।
जिस योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा के बल पर आग व सुई-धागे का आविष्कार हुआ, वह व्यक्ति विशेष की क्या है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → संस्कृति
गद्यांश कहता है: “जिस योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा के बल पर आग व सुई-धागे का आविष्कार हुआ, वह है व्यक्ति विशेष की संस्कृति”
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: सभ्यता — संस्कृति द्वारा हुए आविष्कार का नाम है।
विकल्प 3: योग्यता — यह संस्कृति का एक आधार है, जिसे गद्यांश संस्कृति कहता है।
विकल्प 4: आवश्यकता — इसका गद्यांश में उल्लेख नहीं है।