'मन रे तन कागद का पुतला' वाक्य में कौन-सा रस अभिव्यंजित हो रहा है -
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → शांत
'मन रे तन कागद का पुतला' में शरीर की नश्वरता बताकर वैराग्य का भाव जगाया गया है; इसका स्थायी भाव निर्वेद है, इसलिए शांत रस है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: अद्भुत रस — स्थायी भाव विस्मय।
विकल्प 2: वीभत्स — स्थायी भाव जुगुप्सा (घृणा)।
विकल्प 4: शृंगार — स्थायी भाव रति।