'उत्साह' किस रस का स्थायी भाव है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
वीर रस: वीर रस का स्थायी भाव 'उत्साह' है। इस रस में साहस, शौर्य, पराक्रम, दृढ़ता और त्याग जैसे गुणों का वर्णन किया जाता है। वीर रस के नायक या नायिका किसी बड़े लक्ष्य के लिए संघर्ष करते हैं और कठिनाइयों का सामना करते हुए विजय प्राप्त करते हैं।
- अद्भुत रस: अद्भुत रस का स्थायी भाव 'विस्मय' है। इस रस में आश्चर्य, अनहोनी, और अलौकिक घटनाओं का वर्णन किया जाता है। उत्साह, वीर रस का मुख्य तत्व नहीं है।
- हास्य रस: हास्य रस का स्थायी भाव 'हर्ष' है। इस रस में हंसी, व्यंग्य, विनोद और मनोरंजन का वर्णन किया जाता है। उत्साह हास्य रस से अलग है।
- रौद्र रस: रौद्र रस का स्थायी भाव 'क्रोध' है। इस रस में क्रोध, प्रतिशोध, और हिंसा का वर्णन किया जाता है। उत्साह रौद्र रस से विपरीत है।
इस प्रकार, उपरोक्त विकल्पों में से केवल वीर रस का स्थायी भाव उत्साह है।