निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उससे सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- भारत की जनगणना के आँकड़ों (भारतीय जनसंपर्क महासंघ) से पता चलता है कि 1991 के बाद से भारत की जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट आई है। 1990 में एक महिला औसतन 3.8 बच्चों को जन्म देती थी, वहीं आज यह कम होकर 2.7 बच्चे प्रति महिला हो गए हैं। हालांकि प्रजनन क्षमता और जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आ रही है, लेकिन भारत की जनसंख्या वृद्धि की तीव्र गति के कारण 2050 तक इसके 1.6 अरब तक पहुँचने का अनुमान है। जनसंख्या की गति ऐसी स्थिति को संदर्भित करती है जहाँ प्रजनन की उम्र में महिलाओं की बड़ी संख्या अगली पीढ़ी के दौरान जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देगी, भले ही यह पिछली पीढ़ियों से एक बच्चे की कम संख्या के रूप में हो। इसके अतिरिक्त पिछले चार दशकों से क्रूड मृत्यु दर (सी.डी.आर.) और क्रूड जन्म दर (सी.बी.आर.) गिरावट दर्शाती है कि भारत एक संक्रमणकालीन चरण के आगे प्रगति कर रहा है। 1950 से 1990 तक सी. बी. आर. की गिरावट सी.डी.आर. में आई गिरावट की तुलना में कम तीव्र थी। हालांकि 1990 के दौरान सी.बी.आर. में आई गिरावट सी.डी.आर. में आई गिरावट की तुलना में तेज रही है, जिसकी परिणति आज 1.4% की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि के रूप में हुई है। |
पिछले चार दशकों से सी. डी. आर. और सी. बी. आर. में गिरावट क्या दर्शाती है? |
भारत में जनसंख्या वृद्धि हो रही है। महिलाओं की प्रजनन दर कम है। भारत एक संक्रमणकालीन चरण के आगे प्रगति कर रहा है। भारत का जनसांख्यिकी संक्रमण असंतुलित है। |
भारत एक संक्रमणकालीन चरण के आगे प्रगति कर रहा है। |
सही उत्तर विकल्प (3) है → भारत एक संक्रमणकालीन चरण के आगे प्रगति कर रहा है। |