निम्नलिखित लक्षण माने गए हैं:
A. कारकों के जिस रूप से क्रिया के करने का बोध हो, कर्त्ता कारक कहलाता है।
B. क्रिया के कार्य का फल जिस पर पड़ता है उसे कर्म कारक कहते हैं।
C. कर्त्ता जिसके लिए कुछ करता है, उसे प्रकट करने वाले रूप को सम्प्रदान कारक कहते हैं।
D. संज्ञा के जिस रूप से किसी वस्तु से संबंध प्रकट हो, उसे अधिकरण कारक कहते हैं।
E. जिस रूप से क्रिया के साधन का पता चले सम्प्रदान कारक कहलाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → केवल A, B और C
(A) कर्त्ता कारक — सही; क्रिया करने वाले का बोध कर्त्ता कारक से होता है।
(B) कर्म कारक — सही; क्रिया का फल जिस पर पड़े, वह कर्म है।
(C) सम्प्रदान कारक — सही; जिसके लिए क्रिया की जाए।
(D) अधिकरण कारक — गलत; संबंध बताने वाला रूप संबंध कारक है; अधिकरण क्रिया का आधार बताता है।
(E) सम्प्रदान कारक — गलत; क्रिया का साधन बताने वाला रूप करण कारक है।