दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ कर नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर दीजिए-
जब से आदमी ने होश संभाला, अपनी आवश्यकता की वस्तुओं का निर्माण करता गया। पहिए का आविष्कार भी एक ऐसा मूलभूत आधार उपकरण सिद्ध हुआ, जिसके बिना किसी भी उपकरण की कल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रत्येक चल वस्तु या उपकरण में हर वैज्ञानिक तथा आविष्कारक ने आदिमानव द्वारा आविष्कृत सरल लेकिन बहुत प्रयोजनशील अनुसंधान की सहायता ली। बेल्जियम के वैज्ञानिक ऐवे लमेत्रे के अनुसार ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति एक विशाल मौलिक अणु से हुई है। प्रस्तुत महाअणु के विस्फोट से इसके अंदर विद्यमान सभी पदार्थ इधर-उधर छितरा गए और बह्मांड को अपना मूल वर्तमान रूप मिला। इस तरह ब्रह्माण्ड के सभी तत्व धीरे-धीरे प्रकाश में आए। तारों और ग्रहों के निर्माण में करोड़ों वर्ष लगे। मनुष्य के वर्तमान स्वरूप में आने में लगभग 30 अरब वर्षों का समय लगा। कुछेक वैज्ञानिकों का अभिमत इससे बिल्कुल भिन्न है। उनके अनुसार ब्रह्मांड में कहीं-न-कहीं पदार्थ राशि का निर्माण होता रहता है, जो स्वत: प्रेरित है। ब्रह्माण्ड के विस्तार की दर के आधार पर हिसाब लगाया जाए तो ब्रह्मांड का जन्म के 7 अरब वर्ष से 20 अरब वर्ष के बीच होना चाहिए। शिकागो विश्वविद्यालय के दो वैज्ञानिकों ने गणना की है कि ब्रह्माण्ड का जन्म 20 अरब वर्ष पहले हुआ था। आकाश गंगा का उदय ब्रह्मांड के जन्म से लगभग 10-11 करोड़ वर्षों बाद हुआ माना जाता है। इस तरह गुणा-भाग और जोड़-तोड़ से वैज्ञानिको का अनुमान है कि ब्रह्माण्ड जन्म 20 अरब वर्ष पहले सम्पन्न हुआ।
गद्यांश के अनुसार आकाश गंगा का उदय कब से माना जाता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → ब्रह्माण्ड के जन्म के बाद