निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
पं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी की 'उसने कहा था' नामक कहानी 1915 में प्रकाशित हुई। संवेदना और शिल्प की दृष्टि से यह कहानी बेजोड़ थी। 1916 में प्रेमचंद की कहानी पंच परमेश्वर प्रकाशित हुई। इस कहानी को अभूतपूर्व लोकप्रियता प्राप्त हुई। इस कहानी में कोई शिल्पगत चमत्कार नहीं, इसमें ग्रामीण जीवन, किसानों की सहृदयता, उनके काँइयेंपन का चित्रण और उनके आदर्श की स्थापना है। यह आदर्श गांधीवाद से जुड़ा है। पूरी कहानी में हमारे परिचित जीवन की आत्मीयता स्थापित है। कथा कहने का ढंग बिल्कुल सहज है। प्रेमचंद की कहानियाँ बहुत सहज ढंग से शुरू होती हैं। वे अपनी उठान में 'पंचतंत्र' या 'जातकों' की याद दिला देती हैं।
प्रेमचंद की कहानियों की विशेषता नहीं है:
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → अलंकारिक एवं कठिन भाषा
गद्यांश कहता है: “कथा कहने का ढंग बिल्कुल सहज है।” प्रेमचंद की भाषा सरल और सहज है, अलंकारिक या कठिन नहीं।
अन्य विकल्प — यथार्थवाद, आदर्शवाद और किसान जीवन — प्रेमचंद की कहानियों की विशेषताएँ हैं।