निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
दैनिक जीवन में हम अनेक लोगों से मिलते हैं जो विभिन्न प्रकार के काम करते हैं -सड़क पर ठेला चलानेवाला, दूधवाला, नगरनिगम के सफाई कर्मी, बस कंडक्टर, स्कूल अध्यापक, हमारा सहपाठी और ऐसे ही कई अन्य लोग। शिक्षा, वेतन, परंपरागत चलन और व्यवसाय के स्तर पर कुछ लोग निम्न स्तर पर कार्य करते हैं तो कुछ उच्च स्तर पर। एक माली के कार्य को सरकारी कार्यालय के किसी सचिव के कार्य से अति निम्न स्तर का माना जाता है, किन्तु यदि यही अपने कार्य को कुशलतापूर्वक करता है और उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करता है तो उसका कार्य उस सचिव के कार्य से कहीं बेहतर है जो अपने काम में ढिलाई बरतता है तथा अपने उत्तरदायित्वों का निर्वाह नहीं करता। क्या आप ऐसे सचिव को एक आदर्श अधिकारी कह सकते हैं? वास्तव में पद महत्त्वपूर्ण नहीं है ,बल्कि महत्त्वपूर्ण होता है कार्य के प्रति समर्पण भाव और कार्य -प्रणाली में पारदर्शिता।
इस सन्दर्भ में गाँधीजी से उत्कृष्ट उदाहरण और किसका दिया जा सकता है जिन्होंने अपने हर कार्य को गरिमामय मानते हुए किया। वे अपने सहयोगियों को श्रम की गरिमा की सीख दिया करते थे। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय लोगों के लिए संघर्ष करते हुए उन्होंने सफाई करने जैसे कार्य को भी कभी नीचा नहीं समझा और इसी कारण स्वयं उनकी पत्नी कस्तूरबा से भी उनके मतभेद हो गए। गाँधीजी का स्वतंत्रता के लिए संघर्ष उनके जीवन का एक पहलू है, किन्तु उनका मानसिक क्षितिज वास्तव में एक राष्ट्र की सीमाओं में नहीं बंधा हुआ था। उन्होंने सभी लोगों में ईश्वर के दर्शन किए।
गद्यांश के अनुसार एक माली का कार्य एक सचिव के कार्य से क्यों बेहतर है ?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → कुशलतापूर्वक करने के कारण
गद्यांश कहता है: “यदि यही अपने कार्य को कुशलतापूर्वक करता है और उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करता है तो उसका कार्य उस सचिव के कार्य से कहीं बेहतर है”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2 और 3: अधिक मेहनत करने के कारण, कम वेतन पर कार्य करने के कारण — इनका गद्यांश में उल्लेख नहीं है।
विकल्प 4: मन लगाकर काम करने के कारण — गद्यांश माली के लिए 'कुशलतापूर्वक' शब्द का प्रयोग करता है।