सुनहरी महासीर शिकार की एक शानदार मछली (गेमफिश) है। इसे हिमालय की महासीर, महासीर, महसोला, महाशल्का आदि नामों से जाना जाता है। नेपाल में यह 'सहर' के नाम से प्रसिद्ध है। सुनहरी महासीर को अंग्रेजी में गोल्डन महासीर, हिमालयन महासीर, ट्यूटीटर महसीर, ग्रे हाउण्ड फिश और थिकलिप्ड फिश कहते हैं। पाकिस्तान में सुनहरी मछली को अनधिकृत रूप से पाकिस्तान की राष्ट्रीय मछली (नेशनल फिश ऑफ़ पाकिस्तान) माना जाता है।
इस मछली का वैज्ञानिक नाम अनेक बार बदला गया है। सर्वप्रथम सन् 1822 में हेमिल्टन ने सुनहरी महासीर का अध्ययन किया और इसे वैज्ञानिक नाम दिया साइप्रिनस प्यूटिटोरा। इसके बाद सन् 1839 में मैकक्लेल्ड ने इसका अध्ययन किया और इसे बारबस वंश की मछली घोषित किया, उन्होंने इसका वैज्ञानिक नाम बारबस मैक्रोसेफालस रखा। इसके ठीक सौ वर्ष बाद होरा ने इसका अध्ययन किया और इसका वैज्ञानिक नाम बदल कर बारबस (टॉर) प्यूटिटॉरा कर दिया। विश्व के अनेक विख्यात जीववैज्ञानिक लम्बे समय से महासीर में रुचि ले रहे थे। उन्होंने अपने अध्ययन में यह पाया कि यह टॉर वंश की मछली है। उन्होंने इसे नया वैज्ञानिक नाम दिया - टॉर प्यूटिटॉरा। वर्तमान समय में यह इसी वैज्ञानिक नाम से जानी जाती है।
मैकक्लेल्ड ने महासीर मछली को किस मत्स्य परिवार से संबंधित माना है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → बारबस वंश
गद्यांश कहता है: “सन् 1839 में मैकक्लेल्ड ने इसका अध्ययन किया और इसे बारबस वंश की मछली घोषित किया”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: टॉर प्यूटिटॉरा — यह महासीर का वर्तमान वैज्ञानिक नाम है।
विकल्प 2: साइप्रिनस — हेमिल्टन (1822) के दिए नाम 'साइप्रिनस प्यूटिटोरा' का अंश है।
विकल्प 3: सुनहरी महासीर — यह मछली का सामान्य नाम है।