निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए:-
कितनी करुणा कितने संदेश
पथ में बिछ जाते बन पराग
गाता प्राणों का तार-तार
अनुराग भरा उन्माद राग
आँसू लेते वे पद पखार
जो तुम आ जाते एक बार|
हँस उठते पल में आर्द्र नयन
धुल जाता होंठों से विषाद
छा जाता जीवन में बसंत
लुट जाता चिरसंचित विराग
आँखे देंती सर्वस्व वार
जो तुम आ जाते एक बार
रास्ते में करुणा और सन्देश क्या बनकर बिछ जाते?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर फूलों की रज है।
करुणा और सन्देश का अर्थ है प्रेम, दया, और सहानुभूति। फूलों की रज इन गुणों का प्रतीक है। फूलों की रज हवा में उड़ती है और लोगों के मन में प्रेम, दया, और सहानुभूति का संदेश फैलाती है। इसलिए, रास्ते में करुणा और सन्देश फूलों की रज बनकर बिछ जाते हैं।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि:
- फूलों की पत्तियाँ करुणा और सन्देश का प्रतीक नहीं हैं।
- फूल करुणा और सन्देश का प्रतीक हैं, लेकिन वे रास्ते में बिछ नहीं सकते हैं।
- फूलों के बीज करुणा और सन्देश का प्रतीक नहीं हैं।
इसलिए, सही उत्तर फूलों की रज है।