निम्नलिखित पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
उठो सोने वालो! सबेरा हुआ है; वतन के फ़कीरों का फेरा हुआ है।
जागो, अब निराशा- निशा खो रही है; सुनहली-सी पूरब दिशा हो रही है;
उषा की किरण कालिमा धो रही है; न अब कौम कोई कहीं सो रही है;
तुम्हें किसलिये मोह घेरा हुआ है। उठो सोने वालों! सबेरा हुआ है।
जवानों! जगो, कौम की जान जागो, पड़े किसलिए देश की शान जागो;
गुलामी मिटे देश उत्थान जागो, शहीदों की सच्ची सुसन्तान जागो;
हटा दूर आलस-अँधेरा हुआ है। उठो सोने वालों! सबेरा हुआ है।
उठो देवियो ! वक्त खोने न देना, कहीं फूट के बीज बोने न देना,
जगें जो, उन्हें फिर से सोने न देना, कभी राष्ट्र-अपमान होने न देना;
घड़ी शुभ महूरत का डेरा हुआ है। उठो सोने वालों ! सबेरा हुआ है।
'कौम की जान' किसे कहा गया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → युवाओं को