प्रस्तुत पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
हिमाद्रि तुंग श्रृंग से, प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयंप्रभा समुज्ज्वला, स्वतंत्रता पुकारती
'अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़-प्रतिज्ञ सोच लो,
प्रशस्त पुण्य पन्थ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।'
असंख्य कीर्ति-रश्मियाँ, विकीर्ण दिव्य दाह-सी
सपूत मातृभूमि के, रुको न शूर साहसी
अराति सैन्य सिन्धु में, सुवाड़वाग्नि से जलो,
प्रवीर हो जयी बनो, बढ़े चलो, बढ़े चलो।
प्रस्तुत कविता कौन-से रस से ओत-प्रोत है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → वीर रस