निम्नलिखित में से किन पंक्तियों में करुण रस है?
(A). चिता जली जब से बाबा की, सूना है घर-द्वार; रो-रोकर बच्चे कहते हैं, कौन करेगा प्यार।
(B). मोटे लाला दौड़ पड़े तो, फिसल गिरे बाज़ार; उड़ी हवा में पगड़ी उनकी, हँसने लगे हज़ार।
(C). बाढ़ बहा ले गई लाल को, माँ तट पर बेहाल; फटी कमीज़ लिए हाथों में, पूछे सबसे हाल।
(D). रणभेरी जब बजी सीमा पर, गरज उठे सब वीर; शत्रु-दल को ललकार चले, तान धनुष पर तीर।
(E). आधी रात घने जंगल में, गूँज उठी जब बाघ-दहाड़; थर-थर काँपा पथिक अकेला, छिपा झाड़ियों की ले आड़।
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Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → केवल (A) और (C)
(A) और (C) में प्रियजन के सदा के लिए बिछुड़ने से उपजा शोक है, अतः करुण रस है।
(A) चिता जली जब से बाबा की ... — करुण रस; बाबा की मृत्यु पर बच्चों का शोक।
(B) मोटे लाला दौड़ पड़े तो ... — हास्य रस; विचित्र दृश्य से हास।
(C) बाढ़ बहा ले गई लाल को ... — करुण रस; पुत्र को खो चुकी माँ का शोक।
(D) रणभेरी जब बजी सीमा पर ... — वीर रस; शत्रु को ललकारकर युद्ध करने का उत्साह।
(E) आधी रात घने जंगल में ... — भयानक रस; बाघ की दहाड़ से भय।