निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
भारत माता ग्रामवासिनी।
खेतों में फैला है श्यामल,
धूल-भरा मैला-सा आँचल।
गंगा-यमुना में आंसू जल,
मिट्टी की प्रतिमा उदासिनी।
दैन्य-जड़ित अपलक नत-चितवन,
अधरों में चिर-नीरव रोदन।
युग-युग के तम से विषाक्त मन,
वह अपने घर में प्रवासिनी।
तीस कोटि संतान नग्न-तन,
अर्ध-क्षुधित, शोषित, निरवस्त्र जन।
मूढ़, असभ्य, अशिक्षित, निर्धन,
नत-मस्तक तरु-तलनिवासिनी।
स्वर्ण-शस्य पद-पद-तल-लुंठित,
धरती-सा सहिष्णुमन कुंठित।
क्रंदन-कंपित अधर मौन-स्मित,
राहु-ग्रसित शरदेंदु-हासनी।
पद्यांश में आए 'कोटि' शब्द का अर्थ है -
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → करोड़
“तीस कोटि संतान नग्न-तन” — यहाँ 'कोटि' का अर्थ करोड़ है; कवि भारत की तीस करोड़ जनता की बात कर रहा है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: कई — 'कोटि' एक निश्चित संख्या (करोड़) है।
विकल्प 3: प्रकार — यह 'कोटि' का दूसरा अर्थ (श्रेणी) है, पर यहाँ संतान की संख्या बताई गई है।
विकल्प 4: कथन — यह 'कोटि' का अर्थ नहीं है।