निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
आज मानव की जीवन-शैली में बदलाव आ गया है। लोग अंधाधुंध पाश्चात्य जीवन-शैली का अनुसरण करने लगे हैं। नई परंपराओं और रीति-रिवाजों को अपनाने की चाह में पुराने स्थापित जीवन मूल्य व परंपराएँ पीछे छूटती जा रही हैं और लोग इसे ही आधुनिक जीवन-शैली का नाम दे रहे हैं। आज युवा वर्ग धन को ही सब कुछ मानकर धन कमाने के पीछे भाग रहा है। हर व्यक्ति को डर है कि कहीं कोई आगे ना निकल जाए। किसी के भी पास अपनों के लिए समय नहीं है। पारिवारिक व सामाजिक संबंधों से कोई सरोकार नहीं है। उन्हें केवल धन चाहिए, वह चाहे जैसे भी मिले। आधुनिक जीवनशैली ने लोगों में अनियंत्रता और असंतुलित माँग एवं उपयोग की आदत को जन्म दिया है। एक दूसरे की देखा-देखी में लोग जिन वस्तुओं की आवश्यकता नहीं होती, उन्हें भी खरीद कर अपने धन की क्रय शक्ति का प्रदर्शन कर संतुष्टि का अनुभव करते हैं। महंगे होटलों में भोजन करना, अंग्रेजी फिल्में देखना, महंगे वस्त्र खरीदना इत्यादि आधुनिकता के पर्याय बन गए हैं। प्रदर्शन करना ही जीवन पद्धति का अनिवार्य लक्ष्य बनकर रह गया है। जीवन को मौज मस्ती का पर्याय माना जाने लगा है। परिश्रम, धीरज, संतोष जैसे गुण मानो मृतप्राय हो गए हैं। आधुनिक जीवन पद्धति से प्रतिस्पर्धा, ईर्ष्या व स्वार्थ को बढ़ावा मिला है।
'अपनों के लिए समय नहीं है' - इसका भाव क्या है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → केवल धन चाहना
गद्यांश में लिखा है: “किसी के भी पास अपनों के लिए समय नहीं है। ... उन्हें केवल धन चाहिए, वह चाहे जैसे भी मिले।”
अन्य विकल्प — विदेश घूमना, मौज-मस्ती और महँगे होटल में भोजन — गद्यांश में अपनों के लिए समय न होने का कारण नहीं बताए गए।