'शृंगार' रस का स्थायी भाव है-
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → रति
शृंगार रस का स्थायी भाव रति (प्रेम) है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: उत्साह — वीर रस का स्थायी भाव।
विकल्प 2: क्रोध — रौद्र रस का स्थायी भाव।
विकल्प 4: वात्सल्य — संतान के प्रति स्नेह; यह वात्सल्य रस से जुड़ा भाव है।