नायक का कम्पित और पुलकित होना किस रस का अनुभाव है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → शृंगार रस
नायक का काँपना और पुलकित (रोमांचित) होना रति (प्रेम) भाव की शारीरिक चेष्टाएँ हैं, इसलिए ये शृंगार रस के अनुभाव हैं।
अन्य विकल्प — वात्सल्य (स्थायी भाव: वत्सल), करुण (शोक) और शांत (निर्वेद) — के अनुभाव ये नहीं हैं।