निम्नलिखित पंक्तियों में कौन-सा रस है?
"धन, यश, महल — सब यहीं धरा रह जाएगा,
साथ न जाएगा कोई अपना या पराया;
मन! अब छोड़ यह मोह-माया की दौड़,
सच्चे संतोष में ही सुख है, उसे पा।"
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → शांत रस
संसार की नश्वरता समझकर मोह-माया छोड़ने का भाव है; स्थायी भाव निर्वेद है, इसलिए शांत रस है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: करुण रस — स्थायी भाव शोक; यहाँ किसी प्रिय के बिछुड़ने या नाश का शोक नहीं है।
विकल्प 2: अद्भुत रस — स्थायी भाव विस्मय; यहाँ आश्चर्य का वर्णन नहीं है।
विकल्प 4: शृंगार रस — स्थायी भाव रति; यहाँ नायक-नायिका के प्रेम का वर्णन नहीं है।