निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
गलती मेरी भी है, कुछ किया ही नहीं। मैं कुछ लोगों से कह सकता था कि अमुक तारीख को मेरा जन्मदिन है। मेरे शहर में कई साहित्य और संस्कृति की संस्थाएँ हैं जो तरह-तरह के समारोह करती हैं। एक-दो संस्थाएँ ऐसी हैं जिनकी मीटिंग सिर्फ किसी की मृत्यु पर शोक प्रकट करने के लिए होती है। मैं इन कई संस्थाओं को इशारा कर सकता था कि मेरा भी जन्मदिन पड़ रहा है। इस शहर के अखबारों के सम्पादकों से मेरे अच्छे संबंध हैं। इनसे कह देता तो ये बलात्कार, अपहरण, हत्या, दारू की भट्ठी के शुभ समाचारों के बाद जो जगह बचती उसमें कहीं मेरे जन्मदिन का समाचार डाल देते।
मैंने उन तीन आदमियों से यह तक नहीं कहा कि लौटते में अखबार में समाचार देते जाना। मुझे किसी को बताना तो चाहिए था। अकर्मण्य हूँ। अपना कुछ नहीं होगा। ठीक से अर्थी निकल जाए तो गनीमत है। कितने लोग जन्मदिन मनवा लेते हैं। समाचार छपता है, तब मालूम होता है कि वे अभी ज़िन्दा हैं। अपना तो कुछ नहीं बिगड़ता । पृथ्वी पर ही बोझ रहता है और शेषनाग ओवर लोडिंग से परेशान होता है।
शेषनाग किससे परेशान है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → ओवर लोडिंग से
गद्यांश में: “पृथ्वी पर ही बोझ रहता है और शेषनाग ओवर लोडिंग से परेशान होता है।”
अन्य विकल्प — जन्मदिन, शुभ समाचार और सम्पादक — गद्यांश शेषनाग की परेशानी का कारण इन्हें नहीं बताता।