'ज्यों-ज्यों बूड़ै श्याम रंग, त्यों-त्यों उज्ज्वल होय' में कौन सा अलंकार है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → विरोधाभास
श्याम (काले) रंग में डूबकर उज्ज्वल होना विरोध जैसा लगता है, पर वास्तव में विरोध नहीं है (कृष्ण-भक्ति में डूबा मन निर्मल होता है), इसलिए यहाँ विरोधाभास है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: विभावना — कारण के बिना कार्य होने का वर्णन।
विकल्प 3: विशेषोक्ति — कारण होने पर भी कार्य न होने का वर्णन।
विकल्प 4: अतिशयोक्ति — बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना; यहाँ चमत्कार विरोध के आभास में है।