श्रृंगार रस का स्थायी भाव है -
Answer & explanation
Correct answer: option 4
उत्तर: रति है।
श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति है। रति का अर्थ होता है "प्रेम या अनुराग"। यह एक सकारात्मक भाव है, जो प्रेमी और प्रेमिका के बीच होता है।
अन्य तीन विकल्प श्रृंगार रस के स्थायी भाव नहीं हैं।
- क्रोध एक नकारात्मक भाव है, जो किसी से नाराज होने पर होता है।
- जुगुप्सा एक नकारात्मक भाव है, जो किसी से घृणा या घृणा होने पर होता है।
- विस्मय एक क्षणिक भाव है, जो किसी अद्भुत या आश्चर्यजनक घटना को देखने पर होता है।
इस प्रकार, सही उत्तर रति है।
उदाहरण:
- "वह उसे देखकर मुग्ध हो गया।"
- "उसकी मंद मुस्कान ने उसे मोहित कर दिया।"
- "उसके नयनों में प्रेम की अग्नि जल रही थी।"
इन उदाहरणों में, रति का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।