निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उससे सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- शीश पर मंगल कलश रख, भूलकर जन के सभी दुख, चाहते हो तो मना लो जन्मदिन भूखे वतन का। जो उदासी है हृदय पर, वह उभर आती समय पर, पेट की रोटी जुटाओ, रेशमी झंडा उड़ाओ, ध्यान तो रखो मगर उस अधफटे नंगे बदन का। तन कहीं पर, मन कहीं पर, धन कहीं, निर्धन कहीं पर, फूल की ऐसी विदाई, शूल को आती रुलाई, आंधियों के साथ जैसे हो रहा सौदा चमन का। आग ठंडी हो, गरम हो, तोड़ देती है भरम को, क्रांति है आनी किसी दिन, आदमी घड़ियाँ रहा गिन, राख कर देता सभी कुछ अधजला दीपक भवन का। |
कवि एक दिन किसके आने की सम्भावना व्यक्त कर रहा है? |
समस्या उदासी मृत्यु क्रांति |
क्रांति |
सही उत्तर विकल्प (4) है → क्रांति |