निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ कर प्रश्न का उत्तर दीजिए:-
जन्म भर उपकार करना ज्ञानियों का धर्म है,
कर्म से पीछे न हटना सनियों का मर्म है|
सूर्य जब तक है उदित तम का पता लगता नहीं,
खर समीरण सामने क्या मेघ टिक सकता नहीं?
पास जिसके रत्नराशी अनन्त और अशेष है,
क्या कभी वह सुरधुनी के सम हुआ सलिलेश है|
जन्म भर उपकार करना ज्ञानियों का धर्म है,
कर्म से पीछे न हटना सनियों का मर्म है|
सूर्य जब तक है उदित तम का पता लगता नहीं,
खर समीरण सामने क्या मेघ टिक सकता नहीं?
पास जिसके रत्नराशी अनन्त और अशेष है,
क्या कभी वह सुरधुनी के सम हुआ सलिलेश है|
पद्यांश में सनियों का मर्म क्या बताया गया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सनियों का धर्म है की वह कभी भी अपने कर्म से पीछे न हटें |