निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
नीलाम्बर-परिधान, हरित-पट पर सुंदर है।
सूर्य-चन्द्र युग-मुकुट मेखला रत्नाकर है।
नदियाँ प्रेम-प्रवाह, फूल तारे मंडन है।
बंदीजन खगवृन्द, शेषफन सिंहासन है।
करते अभिषेक पयोद हैं, बलिहारी इस वेश की।
हे मातृभूमि! तू सत्य ही सगुण मूर्ति सर्वेश की।
उपर्युक्त काव्यांश का उचित शीर्षक क्या होगा?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → मातृभूमि
पूरा काव्यांश मातृभूमि के रूप का वर्णन है और उसी को संबोधित है: “हे मातृभूमि! तू सत्य ही सगुण मूर्ति सर्वेश की”।
अन्य विकल्प — सगुण मूर्ति, नीलाम्बर और सर्वेश — काव्यांश के एक-एक शब्द हैं; पूरा काव्यांश मातृभूमि पर है।