निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्न का सही उत्तर दीजिए-
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बार-बार आती है मुझको, मधुर याद बचपन तेरी, गया, ले गया, तू जीवन की, सबसे मस्त खुशी मेरी।
चिंता रहित खेलना खाना, वह फिरना निर्भय स्वच्छंद, कैसे भूला जा सकता है, बचपन का अतुलित आनंद।
रोना और मचल जाना भी, क्या आनंद दिखलाते थे, बड़े-बड़े मोती-से आँसू, जयमाला पहनाते थे। |
मैं रोई, माँ काम छोड़कर, आई, मुझको उठा लिया, झाड़-पोंछकर चूम-चूमकर, गीले गालों को सुखा दिया।
आ जा बचपन! एक बार फिर, दे दे अपनी निर्मल शांति, व्याकुल व्यथा मिटाने वाली, वह अपनी प्राकृत विश्रांति।
वह भोली-सी मधुर सरलता, वह प्यारा जीवन निष्पाप, क्या फिर आकर मिटा सकेगा, तू मेरे मन का संताप? |
जब वह रोती थी तो माँ की क्या प्रतिक्रिया होती थी?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → काम छोड़कर दौड़ी चली आती थी।
“मैं रोई, माँ काम छोड़कर, आई, मुझको उठा लिया” — रोने पर माँ काम छोड़कर आ जाती थी।
अन्य विकल्प — स्वयं भी रोना, नाराज़ होना और आनंद आना — पद्यांश में माँ की ऐसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।