निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
रोटी उसकी, जिसका अनाज, जिसकी जमीन, जिसका श्रम है,
अब कौन उलट सकता है स्वतंत्रता का सीधा क्रम है।
आज़ादी है अधिकार परिश्रम का पुनीत फल पाने का,
आज़ादी है अधिकार शोषणों की धज्जियाँ उड़ाने का।
गौरव की भाषा नई सीख, भिखमंगों की आवाज बदल,
सिमटी बाहों को खोल गरुड़, उड़ने का अब अंदाज बदल।
स्वाधीन मनुज की इच्छा के आगे पहाड़ हिल सकते हैं,
रोटी क्या? ये अम्बरवाले सारे शृंगार मिल सकते हैं।
"भिखमंगों की आवाज बदल" - पंक्ति से कवि किस बदलाव की अपेक्षा करता है ?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → निर्भरता छोड़कर आत्मसम्मान और स्वाभिमान अपनाना
“गौरव की भाषा नई सीख, भिखमंगों की आवाज बदल” — कवि चाहता है कि मनुष्य याचना का स्वर छोड़कर आत्मसम्मान और स्वाभिमान अपनाए।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: भीख मांगने की आदत छोड़ना — केवल आदत छोड़ना नहीं, गौरव की भाषा अपनाना भी अपेक्षित है।
विकल्प 2: अपनी स्थिति मजबूत करना — पंक्ति स्वर और मानसिकता बदलने की बात करती है।
विकल्प 3: दूसरों पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति — यह वही प्रवृत्ति है जिसे कवि छोड़ने को कहता है।