निम्नलिखित पद्यांश को पढ़ कर नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर लिखिए।
रुद्ध कोष है, क्षुब्ध तोष
अंगना-अंग से लिपटे भी
आतंक अंक पर काँप रहे हैं।
धनी, वज्र गर्जन से बादल!
त्रस्त नयन-मुख ढाँप रहे हैं।
जीर्ण बाहु, है शीर्ण शरीर,
तुझे बुलाता कृषक अधीर,
ऐ विप्लव के वीर!
चूस लिया है उसका सार,
हाड़-मात्र ही है आधार,
ऐ जीवन के पारावार!
बादल को कौन बुला रहा है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → कृषक
“तुझे बुलाता कृषक अधीर” — बादल को कृषक बुला रहा है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2: मजदूर — पद्यांश में मजदूर का उल्लेख नहीं है।
विकल्प 3: विप्लव — यह बादल के संबोधन 'विप्लव के वीर' का अंश है।
विकल्प 4: वीर — 'विप्लव के वीर' स्वयं बादल है।