निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
फिर सालाना इम्तिहान हुआ और कुछ ऐसा संयोग हुआ कि मैं फिर पास हुआ और भाई साहब फिर फ़ेल हो गए। मैंने बहुत मेहनत नहीं की, पर न जाने कैसे दरजे में अव्वल आ गया। मुझे खुद अचरज हुआ। भाई साहब ने प्राणांतक परिश्रम किया। कोर्स का एक-एक शब्द चाट गए थे, दस बजे रात तक इधर, चार बजे भोर से उधर, छः से साढ़े नौ तक स्कूल जाने के पहले। मुद्रा कांतिहीन हो गई थी, मगर बेचारे फ़ेल हो गए। मुझे उन पर दया आती थी। नतीजा सुनाया गया, तो वह रो पड़े और मैं भी रोने लगा। अपने पास होने की खुशी आधी हो गई। मैं भी फ़ेल हो गया होता, तो भाई साहब को इतना दुःख न होता, लेकिन विधि की बात कौन टाले!
मेरे और भाई साहब के बीच में अब केवल एक दरजे का अंतर और रह गया। मेरे मन में एक कुटिल भावना उदय हुई कि कहीं भाई साहब एक साल और फ़ेल हो जाएँ, तो मैं उनके बराबर हो जाऊँ, फिर वह किस आधार पर मेरी फ़जीहत कर सकेंगे, लेकिन मैंने इस विचार को दिल से बलपूर्वक निकाल डाला। आखिर वह मुझे मेरे हित के विचार से ही तो डाँटते हैं। मुझे इस वक्त अप्रिय लगता है अवश्य, मगर यह शायद उनके उपदेशों का ही असर है कि मैं दनादन पास हो जाता हूँ और इतने अच्छे नंबरों से।
गद्यांश के अनुसार सालाना इम्तिहान के संबंध में कौन-से कथन सही हैं?
(A) कथावाचक दरजे में अव्वल आया।
(B) भाई साहब ने बहुत कम परिश्रम किया।
(C) नतीजा सुनकर भाई साहब रो पड़े।
(D) कथावाचक ने परीक्षा के लिए बहुत मेहनत की थी।
(E) कथावाचक के पास होने की खुशी आधी हो गई।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → केवल (A), (C) और (E)
(A) कथावाचक दरजे में अव्वल आया। — सही; “न जाने कैसे दरजे में अव्वल आ गया।”
(B) भाई साहब ने बहुत कम परिश्रम किया। — गलत; भाई साहब ने तो “प्राणांतक परिश्रम” किया था।
(C) नतीजा सुनकर भाई साहब रो पड़े। — सही; “नतीजा सुनाया गया, तो वह रो पड़े”
(D) कथावाचक ने परीक्षा के लिए बहुत मेहनत की थी। — गलत; कथावाचक कहता है: “मैंने बहुत मेहनत नहीं की”।
(E) कथावाचक के पास होने की खुशी आधी हो गई। — सही; “अपने पास होने की खुशी आधी हो गई।”